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पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर बढ़ते अत्याचारों और मतांतरण पर रोक हेतु हस्तक्षेप की मांग

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नई दिल्ली

विश्व हिन्दू परिषद ने पाकिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर लगातार हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र से तत्काल और प्रभावी हस्तक्षेप करने की मांग की।

विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्षा अन्नालेना बेयरबॉक को पत्र लिख कर दोनों देशों में हिन्दू, सिक्ख, बौद्ध और ईसाई समुदायों के साथ हो रहे उत्पीड़न, जबरन धर्मांतरण और हिंसा के मामलों को उजागर किया है।

पत्र में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार तंत्र की हालिया रिपोर्ट और विशेषज्ञों की टिप्पणियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान में नाबालिग लड़कियों के जबरन मतांतरण और विवाह के मामलों में चिंताजनक वृद्धि हुई है। इन मामलों में अधिकांश पीड़ित महिलाएं हिन्दू और ईसाई समुदाय से संबंधित हैं। विशेष रूप से सिंध प्रांत में ऐसी घटनाएं अधिक सामने आई हैं। पीड़ितों को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में पाकिस्तान की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की प्रतिक्रिया भी अपर्याप्त रहती है।

इसी तरह, बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिन्दुओं के विरुद्ध हिंसा और भेदभाव के अनेक मामलों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2024 के दौरान ही बड़ी संख्या में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया गया।

आलोक कुमार ने कहा कि इन घटनाओं की निरंतरता और व्यापकता संकेत देती है कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र की जिम्मेदारी है कि वे इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाएं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष अन्नालेना बेयरबॉक की मंगलवार से नई दिल्ली की यात्रा से पूर्व ई-मेल से भेजे अपने पत्र में विहिप अध्यक्ष आलोक कुमार ने निम्नलिखित मांगें प्रमुख रूप से रखी हैं –

* जबरन मतांतरण और अल्पसंख्यकों पर हिंसा की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अंतरराष्ट्रीय जांच

* पीड़ितों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष तंत्र की स्थापना

* संबंधित देशों से अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुरूप जवाबदेही तय करना

* महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा के लिए सख्त कानूनी और संस्थागत उपाय लागू करना

विश्व हिन्दू परिषद ने संयुक्त राष्ट्र नेतृत्व से आग्रह किया है कि वह इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि प्रभावित समुदायों के जीवन, स्वतंत्रता, गरिमा और अधिकारों की रक्षा की जा सके। पत्र की प्रति संयुक्त राष्ट्र महासचिव के साथ भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी भेजी है।