- ड्रेस कोड के तहत पुजारियों को पीली चौबंदी और सफेद धोती धारण करनी होगी
- ट्रस्ट ने सभी 14 पुजारियों को दो-दो सेट ड्रेस उपलब्ध करवाई हैं
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के पुजारियों के लिए नया ड्रेस कोड लागू कर दिया है। यह व्यवस्था 25 दिसंबर से प्रभावी हो गई है। अब रामलला की नित्य पूजा-अर्चना पुजारी पीतांबरी पहनकर करेंगे। ड्रेस कोड के तहत पुजारियों को पीली चौबंदी और सफेद धोती धारण करनी होगी।
ड्रेस कोड का उद्देश्य और व्यवस्था -
ड्रेस कोड लागू करने का उद्देश्य पूजा की गरिमा को बनाए रखना और एकरूपता सुनिश्चित करना है। ट्रस्ट ने सभी 14 पुजारियों को दो-दो सेट ड्रेस उपलब्ध करवाई हैं। इससे पहले, पुजारियों के लिए ड्रेस कोड अनिवार्य नहीं था, और वे अलग-अलग परिधान पहनकर आते थे। अब यह सुनिश्चित किया गया है कि सभी पुजारी निर्धारित परिधान में ही पूजा करेंगे।
पुजारियों के लिए अन्य नियम भी लागू -
राम मंदिर में पहले ही पुजारियों के मल्टीमीडिया फोन के उपयोग पर रोक लगाई जा चुकी है। यह कदम पूजा के दौरान अनुशासन और ध्यान को बनाए रखने के लिए उठाया गया था।
ड्यूटी का प्रबंधन -
रामलला की सेवा और पूजा-अर्चना के लिए 14 पुजारियों की टीम को दो ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप में सात पुजारियों को ड्यूटी सौंपी गई है। मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास सहित सभी पुजारी इस नई व्यवस्था का पालन करेंगे।
ड्रेस कोड की सराहना -
ड्रेस कोड लागू होने के बाद मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं ने इस कदम की सराहना की है। यह बदलाव राम मंदिर की पूजा-अर्चना में एकरूपता और अनुशासन सुनिश्चित करेगा।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का यह निर्णय रामलला की सेवा में समर्पित पुजारियों के लिए नई परंपरा की शुरुआत है। श्रद्धालुओं और पुजारियों ने इसे सकारात्मक कदम बताया है, जो मंदिर की गरिमा और अनुशासन को और बढ़ाएगा।