जम्मू
सीमा पर देश की रक्षा करने के बाद अब पूर्व सैनिक समाज सेवा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। अनुशासन, समर्पण और निःस्वार्थ सेवा के प्रतीक ये सैनिक सेवानिवृत्ति के बाद भी समाज के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह परिवार जिला सांबा के मानसर के पास स्थित चानी गांव में रहता है। परिवार में नेत्रहीन (दिव्यांग) पिता, उनकी पत्नी और दो बेटियां हैं। पत्नी छोटे-मोटे काम करके परिवार का पालन-पोषण करती हैं। बड़ी बेटी का विवाह हो चुका है, जबकि छोटी बेटी का विवाह 25 अप्रैल को निर्धारित है।
पूर्व सैनिक सेवा परिषद के कार्यकर्ताओं को सोशल मीडिया के माध्यम से इस परिवार की स्थिति की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने सहायता का निर्णय लिया। परिषद के अध्यक्ष ब्रिगेडियर बलबीर सिंह संब्याल (एसएम) अपनी कोर टीम और मजालता के सदस्यों के साथ चानी गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार से मुलाकात कर स्थिति का जायजा लिया, हर संभव मदद का आश्वासन दिया और विवाह के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई।



