रुद्रप्रयाग,
उत्तराखण्ड
ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। परंपरा अनुसार वैदिक मंत्रोच्चार, भारतीय सेना की सिक्ख रेजीमेंट के बैंड, और “हर हर महादेव” के जयघोष से पूरा धाम भक्तिमय हो उठा। श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर पर मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। पुष्प वर्षा के लिए दो हेलिकॉप्टर तैनात किए गए थे।
श्री केदारनाथ
धाम में श्रद्धा, आस्था और भक्ति
का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब बाबा केदार के
कपाट पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर
उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री केदारनाथ धाम पहुंचे और
पूजा-अर्चना में भाग लिया।
मुख्यमंत्री धामी ने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बाबा केदार की विशेष पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान भोलेनाथ से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
कपाट खुलने के
ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु श्री केदारनाथ
धाम पहुंचे। जैसे ही मंदिर के कपाट खुले, पूरा परिसर “हर हर महादेव”
के जयघोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह
भक्तिमय हो गया।
मुख्यमंत्री
पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री केदारनाथ धाम सहित चारों धाम उत्तराखण्ड की
आध्यात्मिक पहचान हैं और राज्य सरकार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा का अनुभव कराने के
लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। यात्रा व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा रही है,
ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
बाबा केदार के
धाम को लगभग 51 क्विंटल फूलों से
भव्य रूप से सजाया गया है। बाबा केदार की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली मंगलवार
शाम करीब 4:30 बजे केदारनाथ धाम
पहुंची। ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ से चली डोली 17 किमी पैदल यात्रा तय करते हुए जंगलचट्टी, रामबाड़ा, छोटे-बड़े लिनचोली और बेस कैंप होते हुए केदारपुरी पहुंची।



