लखनऊ, उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त की है। यह सफलता न केवल राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के विकास को दर्शाती है, बल्कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद भी लेकर आई है।
जी हां, लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) में पहली बार सफल हृदय
प्रत्यारोपण किया गया। यह ऑपरेशन 41 साल की एक महिला पर किया गया, जो डायलेटेड कार्डियोमायोपैथी नाम की
गंभीर बीमारी से पीड़ित थी। इस बीमारी में दिल कमजोर हो जाता है और शरीर में सही
तरीके से खून नहीं पहुंचा पाता। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी जान बचाने का यही अंतिम उपाय था।
इस प्रत्यारोपण के लिए दिल दिल्ली से लाया गया। एक व्यक्ति ने मृत्यु के बाद अपने अंग दान किए, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिल सका। दिल को विशेष एयर एम्बुलेंस से लखनऊ लाया गया और रास्ते में ग्रीन कॉरिडोर बनाकर मात्र 20 मिनट में अस्पताल पहुंचाया गया। इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में कई विभागों के डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने मिलकर काम किया। डॉक्टरों की टीम ने पूरी मेहनत और सावधानी से इस प्रत्यारोपण को अंजाम दिया। ऑपरेशन सफल रहा और मरीज को अब निगरानी में रखा गया है।
संस्थान के निदेशक ने इसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे राज्य में मल्टी ऑर्गन ट्रांसप्लांट की दिशा में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। अब उत्तर प्रदेश में भी हृदय से जुड़ी गंभीर बीमारियों का इलाज उच्च स्तर पर संभव हो सकेगा। इस उपलब्धि पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रदेश के लिए गर्व की बात है और इससे लोगों को अपने ही राज्य में बेहतर इलाज मिल सकेगा।



