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पारंपरिक से आधुनिक खेती तक, लकी चौबे की प्रेरणादायक कहानी

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बागेश्वर, उत्तराखण्ड

लकी चौबे, मनकोट गांव के एक किसान हैं, जिन्होंने पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर अपनी आय बढ़ाई। अब वे मटर, गोभी, प्याज, लहसुन और अन्य सब्जियों की खेती करके सालाना करीब 8 लाख रुपये कमा रहे हैं।

बागेश्वर के मनकोट गांव के किसान लकी चौबे ने पारंपरिक खेती को आधुनिक तकनीकों से जोड़कर किस्मत बदल दी। एक वक्त था जब साधारण खेती करने पर अधिक मुनाफा नहीं होता था लेकिन लकी ने समय के साथ सीखा, समझा और अपना तरीका बदल कर नई मिसाल पेश कर दी।आज लकी चौबे मटर, गोभी, प्याज, लहसुन, कद्दू जैसी सब्जियां, करेला, ककड़ी और तुरई जैसी कई फसलों की खेती कर रहे हैं। मटर के सीजन में प्रतिदिन लगभग एक क्विंटल उत्पादन हो जाता हैजिसकी सीधे बाजार तक सप्लाई हो जाती है। लकी की सफलता का एक और राज है -- उनका परिवार। घर के सभी सदस्य मिलकर खेती करते हैं, जिससे मजदूरी का खर्च घटता है और काम समय पर पूरा होता है।

लकी कहना है कि वे अब जैविक खाद और संतुलित सिंचाई का प्रयोग कर रहे हैं जिससे उनकी फसलों की क्वालिटी बेहतर हुई है और बाजार में मांग भी बढ़ी है। स्थानीय बाजार से लेकर आसपास के इलाकों तक लकी की सब्जियां अब पहचान बना चुकी हैं। लकी चौबे की ये कहानी केवल उनकी सफलता नहीं,  बल्कि पूरे गांव के लिए प्रेरणा बन चुकी है। उन्होंने साबित कर दिया है कि अगर सही योजना, नई तकनीक और मेहनत- ये तीनों साथ हों तो खेती भी बन सकती है एक फायदे का सौदा।