सृजन – स्वावलंबिनी आत्मनिर्भर नारी उत्सव का भव्य एवं भावनात्मक समापन
नई दिल्ली : दुलारी देवी फाउंडेशन द्वारा आयोजित "सृजन – स्वावलंबिनी आत्मनिर्भर नारी उत्सव" आज अत्यंत हर्ष और गर्व के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन हजारों संघर्षशील महिलाओं के सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक था, जो अपने आत्मनिर्भर भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
सशक्तिकरण के इस अभियान में प्रतिष्ठित अतिथियों का योगदान: इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमान संजय विनायक जोशी जी वरिष्ठ प्रचारक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, पूर्व महामंत्री (संगठन), भारतीय जनता पार्टी ने अपने उद्बोधन में दुलारी देवी फाउंडेशन की 11 वर्षों की कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा "जब एक नारी सशक्त होती है, तब केवल एक परिवार ही नहीं, बल्कि पूरा समाज और राष्ट्र सशक्त होता है। हमें हर उस बेटी, बहन और माँ को संबल देना होगा, जो आत्मनिर्भर बनने का सपना देखती है। यह आयोजन केवल एक पहल नहीं, बल्कि महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में बढ़ता हुआ एक कदम है।"
वरिष्ठ अतिथि श्री आशिष मित्तल जी निदेशक, भारत पैकेजिंग ने कहा,"नारी शक्ति ही सृजन की शक्ति है। अगर उसे उचित अवसर और संसाधन मिलें, तो वह असंभव को भी संभव बना सकती है। हमें समाज में एक ऐसी सोच विकसित करनी होगी, जहाँ हर महिला को आत्मनिर्भर बनने का अधिकार और अवसर प्राप्त हो।"
सारस्वत अतिथि श्रीमती प्रियंका पॉल गांगुली जी रिसोर्स मोबिलाइजेशन हेड, दुलारी देवी फाउंडेशन ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा,"हर महिला के अंदर अनंत सामर्थ्य छिपा है, बस उसे जागरूकता और मार्गदर्शन की जरूरत है। यह आयोजन उन महिलाओं के लिए एक संबल बनकर आया है, जो समाज की बाधाओं से लड़ते हुए अपने पैरों पर खड़े होने का सपना देख रही हैं।"
कार्यक्रम अध्यक्ष श्री सुब्रतो मन्ना जी सेंट्रल कोऑर्डिनेशन हेड, दुलारी देवी फाउंडेशन ने कहा,"यदि हमें एक नए भारत का निर्माण करना है, तो सबसे पहले हमें अपनी नारियों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। उनका आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक उत्थान ही सच्ची प्रगति का प्रतीक होगा। यह कार्यक्रम उसी दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।"
कार्यक्रम संयोजिका प्रीती पाण्डेय जी निदेशिका, दुलारी देवी फाउंडेशन ने आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "यह केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि उन सभी संघर्षशील महिलाओं के सम्मान और उत्थान की दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम था। जब कोई माँ अपने बच्चों को भूख से बचाने के लिए संघर्ष करती है, जब कोई बेटी अपने सपनों को पूरा करने के लिए समाज की बेड़ियों को तोड़ती है, तब यह हमारा कर्तव्य बनता है कि हम उनके साथ खड़े हों। इस कार्यक्रम के माध्यम से हमने न केवल सहायता पहुंचाने का प्रयास किया, बल्कि उन महिलाओं को यह एहसास भी दिलाया कि वे अकेली नहीं हैं – पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।"
जरूरतमंद परिवारों के लिए सेवा और सहयोग: कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों को राशन वितरित किया गया, जिससे उनके जीवन में कुछ राहत और मुस्कान आ सके। जब किसी माँ की आँखों में यह संतोष झलकता है कि उसका परिवार भूखा नहीं सोएगा, जब किसी वृद्धा के चेहरे पर यह आशा जागती है कि समाज उसे भूल नहीं गया, तब ही ऐसे कार्यक्रमों की सार्थकता सिद्ध होती है।
दुलारी देवी फाउंडेशन की ओर से आभार व्यक्त: दुलारी देवी फाउंडेशन इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी गणमान्य अतिथियों, मीडियाकर्मियों, स्वयंसेवकों एवं उपस्थित नागरिकों का हृदय से धन्यवाद करता है। यह आयोजन केवल एक पड़ाव था, एक शुरुआत थी – हमारा प्रयास निरंतर जारी रहेगा, क्योंकि जब तक समाज की हर नारी आत्मनिर्भर नहीं बनती, तब तक हमारा संकल्प अधूरा रहेगा।
"हर नारी की आँखों में चमक हो, हर बेटी के पंख मजबूत हों, हर माँ का संघर्ष आसान हो – यही हमारा सपना है, यही हमारा प्रयास है।"