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सौ वर्षों की यात्रा में संघ की दशा बदली है, दिशा नहीं – डॉ. मोहन भागवत जी

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 अंबाला

अंबाला शहर और अंबाला छावनी के ‘त्रि नगर तरुण स्वयंसेवक एकत्रीकरण’ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी ने कहा कि संघ ने सौ वर्षों की यात्रा में अपनी दशा बदली है, दिशा नहीं बदली, उसी के भरोसे हमें समाज का विश्वास प्राप्त हो रहा है। संघ को खड़ा करने में सौ साल लगे और अनुकूलता तो पिछले 20 वर्षों से लगातार बढ़ रही है, परंतु उससे पहले का पूरा समय उपेक्षा और विरोध में बीता। बहुत कठिन परिस्थितियों में स्वयंसेवकों को कार्य को आगे बढ़ाना पड़ा।

सरसंघचालक जी ने हरियाणा प्रवास के पहले दिन डीएवी स्कूल के मैदान में आयोजित ‘त्रि नगर तरुण स्वयंसेवक एकत्रीकरण’ में स्वयंसेवकों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान मंच पर प्रांत संघचालक प्रताप सिंह जी, विभाग संघचालक रमाकांत जी और जिला संघचालक प्रदीप खेड़ा जी उपस्थित रहे।

उन्होंने संघ के संस्कार और अनुकूल वातावरण में उत्पन्न होने वाले अहंकार के भाव से बचने के लिए पौराणिक कथा के माध्यम से समझाया। उन्होंने अपनी मां से अथाह प्रेम करने वाले तीन सगे भाइयों और एक रानी की कहानी भी सुनाई। दोनों प्रसंगों में उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्ति अपने कार्य और उद्देश्य को फलीभूत करते समय किन विषयों पर ध्यान केंद्रित करे, ताकि उसके परिणाम केवल स्वयं के लिए नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी हितकारी हों।

उन्होंने कहा कि आज संघ के कार्यक्रम बड़े हो रहे हैं, यह सुखद दृश्य है, जो समाज की कृपा और हमारी मेहनत का फल है। लेकिन हमें चिंतन भी करना होगा। अब और अधिक सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योंकि लोग समीक्षा की दृष्टि से संघ को देख रहे हैं। यह इसलिए हो रहा है क्योंकि सौ वर्षों में हम एक विशिष्ट पद्धति, आचार-विचार और संस्कारों के साथ आगे बढ़े हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ सायं साढ़े पांच बजे ध्वजारोहण से हुआ। इसके बाद प्रार्थना, शारीरिक प्रदर्शन, सामूहिक गीत, परिचय, अमृत वचन, एकल गीत तथा सरसंघचालक जी के उद्बोधन के उपरांत कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम के पश्चात सरसंघचालक अंबाला से कुरुक्षेत्र के लिए प्रस्थान कर गए। 

एकत्रीकरण में अंबाला शहर और अंबाला छावनी नगर के एक हजार से अधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे। दो घंटे के कार्यक्रम में 15 से 40 वर्ष आयु वर्ग के अपेक्षित स्वयंसेवकों एवं व्यवस्था में लगे अन्य 40 स्वयंसेवकों ने भागीदारी की।

अंबाला के स्वयंसेवकों के लिए सरसंघचालक जी का यह हरियाणा प्रवास विशेष रहा, क्योंकि 20 वर्ष पहले सरसंघचालक जी अंबाला के हिन्दू सम्मेलन में पहुंचे थे। उसके बाद 27 फरवरी 2026 को यह अवसर आया, जब वे ‘त्रि नगर तरुण स्वयंसेवक एकत्रीकरण’ कार्यक्रम में पहुंचे।

अंबाला शहर और अंबाला छावनी के स्वयंसेवकों में कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह रहा, क्योंकि एक हजार से अधिक अपेक्षित स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कार्यक्रम में शामिल हुए। सरसंघचालक जी की उपस्थिति में अंबाला के स्वयंसेवकों का पूर्ण गणवेश कार्यक्रम का अवसर लगभग 40 वर्ष बाद आया।