लखनऊ, उत्तर प्रदेश
शारदीय नवरात्र, दशहरा और छठ महापर्व सनातन धर्म की आस्था, परंपरा और संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व हैं। इन त्योहारों को
शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री
योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सुरक्षा,
सफाई,
बिजली और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने
के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि धार्मिक आयोजनों की
गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि
नवरात्र से लेकर छठ महापर्व तक प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे। शोभायात्रा और प्रतिमा
विसर्जन के रास्तों पर मांस-मदिरा की दुकानें नहीं लगने दी जाएंगी। प्रमुख देवी
मंदिरों में 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।
विंध्याचल धाम, देवीपाटन शक्तिपीठ,
मां शाकुंभरी देवी और नैमिषारण्य स्थित
मां ललिता देवी मंदिर सहित प्रमुख धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया
जाएगा। मंदिरों में निर्बाध बिजली और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विसर्जन स्थलों पर
गोताखोर और जल पुलिस तैनात
शोभायात्रा और
प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर बिजली के तारों की मरम्मत, जर्जर खंभों की जांच और खराब सड़कों को ठीक कराया जाएगा।
रास्तों पर रोशनी, सफाई और अतिक्रमण हटाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। विसर्जन
स्थलों पर गोताखोरों और जल पुलिस की तैनाती होगी,
ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा
सके।
संवेदनशील इलाकों में
पुलिस की कड़ी निगरानी
दुर्गा पूजा पंडालों, शोभायात्राओं और रावण दहन स्थलों पर सुरक्षा के विशेष प्रबंध होंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से निगरानी की जाएगी। डीजे के निर्धारित नियमों का पालन कराने और प्रतिमाओं की सुरक्षित ऊंचाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन शांति समितियों, धर्मगुरुओं और आयोजन समितियों के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था, पार्किंग और अतिरिक्त बसों का भी प्रबंध किया जाएगा।
महिला सुरक्षा पर
विशेष जोर
महिलाओं की शिकायतों
पर तत्काल कार्रवाई करने,
मिशन शक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाने
और एंटी रोमियो स्क्वॉड की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों पर
स्टंटबाजी करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा।
सनातन आस्था, धार्मिक परंपराओं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। नवरात्र, दशहरा और छठ जैसे पावन पर्व शांति, श्रद्धा और सौहार्द के साथ संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन को पूरी जिम्मेदारी से काम करना होगा। कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या धार्मिक आयोजनों में बाधा डालने की कोशिश करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई जरूरी है।



