- 21 नवंबर यह डोली रांसी गांव में रात्रि प्रवास करेगी
- 23 नवंबर को ऊखीमठ में मद्महेश्वर मेला का आयोजन होगा
उत्तराखंड। द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट 20 नवंबर, 2024 को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। भगवान मद्महेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली ने उसी दिन गौडार गांव के लिए प्रस्थान किया, जो डोली का पहला पड़ाव था। आज, 21 नवंबर, यह डोली रांसी गांव में रात्रि प्रवास करेगी। इसके बाद 22 नवंबर को डोली गिरिया गांव पहुंचेगी और अंततः 23 नवंबर को ऊखीमठ स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में अपने शीतकालीन गद्दीस्थल पर विराजमान होगी।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। भगवान मद्महेश्वर की डोली यात्रा धार्मिक उल्लास और भक्ति भाव के साथ संपन्न हो रही है।
कार्यक्रम का विवरण -
• 20 नवंबर: डोली गौडार गांव में पहुंची।
• 21 नवंबर: डोली रांसी गांव में प्रवास करेगी।
• 22 नवंबर: गिरिया गांव में डोली का पड़ाव।
• 23 नवंबर: श्री ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ पहुंचकर विराजमान होगी।
मद्महेश्वर मंदिर की यात्रा और डोली का कार्यक्रम हर साल परंपरा के अनुसार किया जाता है। इसके साथ ही, 23 नवंबर को ऊखीमठ में मद्महेश्वर मेला का आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु और पर्यटक भाग लेंगे।