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युवा उपलब्धि का प्रेरक उदाहरण

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युवा उपलब्धि का प्रेरक उदाहरण 

कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनसे मिलते ही उनके संस्कार, विनम्रता और उत्कृष्टता की झलक दिखाई देने लगती है। आदित्य उन्हीं युवाओं में से एक हैं, जिन्होंने अपनी प्रतिभा, ज्ञान और कर्मनिष्ठा के बल पर न केवल अपने क्षेत्र में विशिष्ट पहचान बनाई है, बल्कि अनेक युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बने हैं। हाल ही में प्राप्त उनके महत्वपूर्ण सम्मान ने उनकी उपलब्धियों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है। श्रीमती शिवानी चतुर्वेदी ने आदित्य से विशेष बातचीत की और उनके जीवन, संघर्ष, सफलताओं, कार्यक्षेत्र तथा भविष्य के दृष्टिकोण को जानने का प्रयास किया। प्रस्तुत हैं उस प्रेरक संवाद के प्रमुख अंश।

आदित्य जी, अपनी शैक्षणिक यात्रा के बारे में बताइए।

मैंने इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बी. टेक. किया। कॉलेज के दिनों में मैं कॉलेज की द्विवार्षिक पत्रिका का मुख्य संपादक भी रहा। तकनीकी ज्ञान को और गहरा करने के लिए मैंने आईआईटी दिल्ली से रेडियो फ्रीक्वेंसी में छह माह का विशेष पाठ्यक्रम भी किया।

बी.टेक. के बाद आपने कौन-सा मार्ग चुना?

इंजीनियरिंग के बाद मैंने मार्केटिंग में एमबीए किया। एमबीए के दौरान कई ट्राइमेस्टरों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। मैंने आईएमटी गाज़ियाबाद में सर्वाेच्च जीमैट स्कोर प्राप्त किया, जिसके लिए विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों पर मुझे बहुत सराहना मिली। इसके अतिरिक्त, मार्केटिंग टेक्नोलॉजी (डंतज्मबी) पर लिखे गए मेरे लेखों को भी कई पुरस्कार प्राप्त हुए।

आप अपने करियर के विषय में हमें कुछ बताइए।

एमबीए के बाद मैंने कॉग्निजेंट में बिजनेस डेवलपमेंट टीम के साथ कार्य किया। कोविड-19 जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी मैंने अपने दायित्वों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया। बाद में मैंने अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ने का निर्णय लिया।

अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ने की कोई खास वजह?

नहीं, कुछ खास वजह तो नहीं थी। पर पहले मेरे पापा अपने भाइयों के साथ संयुक्त व्यवसाय में थे। परंतु जब सब अलग हुए, तो पापा के ऊपर बहुत काम आ गया था। तब मैंने सोचा कि मुझे पापा की सहायता के लिए उनके पास होना चाहिए।

आप और आपके पिताजी किस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं?

मैं अपने पिता के साथ एम/एस यूआईसी एवियोटेक एंटरप्राइजेज के नाम से एक कंपनी का संचालन करता हूँ। हमारी कंपनी एयरक्राफ्ट रिफ्यूलर्स तथा ग्राउंड एवं पैसेंजर सपोर्ट इक्विपमेंट के निर्माण के क्षेत्र में कार्यरत है और भारतीय रक्षा सेवाओं तथा विमानन क्षेत्र को सेवाएं प्रदान करती है।

कंपनी के विकास में आपका क्या योगदान रहा है?

मैंने नए ग्राहकों को जोड़ने, उत्पाद श्रृंखला का विस्तार करने, विदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ व्यावसायिक संबंध विकसित करने तथा गुणवत्ता नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर विशेष ध्यान दिया। इन प्रयासों से कंपनी की कार्यक्षमता और प्रतिष्ठा, दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

आपकी उपलब्धियों के लिए आपको कौन-से सम्मान प्राप्त हुए हैं?

मेरी उद्यमशीलता और भारतीय सेना के कार्यों में परोक्ष योगदान हेतु चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) एवं चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (CISC) द्वारा मुझे ”यंग एंटरप्रेन्योर अवार्ड“ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक रहा है।

सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में आपकी क्या भूमिका है?

जब तक पढ़ाई चल रही थी, तब तक बाकी किसी भी चीज पर मेरा ध्यान नहीं गया था। किंतु अंदर देश के लिए कुछ करने की भावना थी। पर समझ में नहीं आता था कि स्थितियों को बेहतर बनाने के लिए क्या करना चाहिए और क्या कर सकते हैं? मुझे लगता है कि आज हमारे अधिकांशतः युवाओं के समक्ष यह प्रश्न है। वे दिशाहीन हैं। मेरा सौभाग्य था कि मुझे वर्ष 2024 में मुझे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने का अवसर मिला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ने के बाद मैंने वहां विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया और वर्तमान समय में मैं शाखा मुख्य शिक्षक के रूप में कार्य कर रहा हूँ। इसके अतिरिक्त, सेक्टर 15 A में आयोजित दीपावली 2025 और महाशिवरात्रि 2026 जैसे आयोजनों के सफल संचालन में भी मेरी सक्रिय भूमिका रही है।

लेखन और संपादन के क्षेत्र में आपकी रुचि कैसे विकसित हुई?

लेखन और संपादन में शुरू से ही मेरी रुचि थी। मैं सेक्टर 15 A की मासिक पत्रिका ”द क्रॉनिकल्स ऑफ 15A“ का संपादक भी रह चुका हूँ। लेखन के क्षेत्र में मार्केटिंग टेक्नोलॉजी मेरा प्रिय विषय है। इस विषय पर मेरे कई लेख समय-समय पर प्रकाशित होते रहे हैं। नई तकनीकों पर लिखना मुझे विशेष रूप से पसंद है।

आज के युवाओं को आप क्या संदेश देना चाहेंगे?

मेरा मानना है कि सफलता का सबसे बड़ा आधार समय का सही और रचनात्मक उपयोग है। समय जीवन की सबसे मूल्यवान पूंजी है, और इसका सदुपयोग ही व्यक्ति को निरंतर प्रगति की ओर ले जाता है। संतुलित और समग्र विकास के लिए जीवन के पाँच महत्वपूर्ण स्तंभों पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। सभी युवाओं को इन पर ध्यान देना चाहिए। जिसमें सबसे पहले आता है - स्वास्थ्य (मानसिक एवं शारीरिक, दोनों तरह का स्वास्थ्य), कार्यक्षेत्र, परिवार, सामाजिक जीवन और आध्यात्मिकता। जब इन सभी क्षेत्रों में संतुलन स्थापित होता है, तभी वास्तविक सफलता और संतुष्टि प्राप्त होती है। इसके साथ ही, जीवन में आगे बढ़ने के लिए यह भी अत्यंत आवश्यक है कि हम अपने समय और ऊर्जा को नष्ट करने वाले अनावश्यक विकर्षणों (Distractions) को पहचानें और धीरे-धीरे उन्हें अपने जीवन से दूर करें। यह एक ऐसी सीख है, जो अनुभव और समय के साथ विकसित होती है, लेकिन सफलता की यात्रा में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

आप स्वस्थ रहने के लिए क्या करते हैं?

स्वस्थ रहने के लिए मैं नियमित योग व ध्यान करता हूँ। प्राणायाम करता हूँ, जिससे शरीर के साथ-साथ मन भी स्वस्थ रहे और कार्य में ध्यान केंद्रित करना आसान हो। स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का निवास होता है। इसलिए शरीर का स्वस्थ होना आवश्यक है। जहाँ तक संभव हो सकता है, मैं बाहर खाने से बचता हूँ।

आपने कहा कि आप बाहर खाने से बचते हैं। इससे क्या तात्पर्य है?

बाहर के खाने से मेरा मतलब है कि आजकल जो फास्ट फूड अथवा जंक फूड का प्रचलन है, मैं उससे बचता हूँ। घर का बना सादा भोजन, जैसे दाल, चावल, रोटी और सब्ज़ी, पसंद करता हूँ। 

बहुत-बहुत धन्यवाद, आदित्य। आपने प्रेरणा विचार पत्रिका के लिए समय निकाला। आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरणा विचार पत्रिका की ओर से ढेरों शुभकामनाएँ। हम आशा करते हैं कि आपकी मेहनत, जीवनशैली और विचारों से अन्य युवा भी लाभान्वित होंगे।