बुलन्दशहर, उत्तर प्रदेश
समाज में कुछ लोग ऐसे हैं जो निस्वार्थ भाव से दूसरों के जीवन में उजाला फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे ही प्रेरणादायक व्यक्तित्व हैं कर्णवास गांव की पूजा शर्मा। पूजा शर्मा गांव के छोटे-छोटे बच्चों को निशुल्क पढ़ाकर उनका भविष्य संवारने में लगी हैं। वे पांच बहनों और तीन भाइयों में सबसे छोटी हैं और उन्होंने मथुरा से बीए की पढ़ाई पूरी की है।
शादी के बाद जब वे गांव में रहने लगीं, तो उन्होंने देखा कि कई बच्चे पढ़ाई से दूर हैं। यह देखकर उन्हें बहुत दुख हुआ और उन्होंने ठान लिया कि वे इन बच्चों को निशुल्क शिक्षा देंगी। इसके लिए उन्होंने आसपास के लोगों से संपर्क किया और उन्हें बच्चों को पढ़ने के लिए तैयार किया। फिर उन्होंने अपने घर के आंगन में शाम के समय बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया। चार साल पहले जब उन्होंने यह पहल शुरू की थी, तब उनकी चार साल की बेटी के साथ केवल 5–6 बच्चे पढ़ने आते थे। आज करीब 20 बच्चे नियमित रूप से उनसे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। पूजा का मानना है कि बेटियों को पढ़ाना बहुत जरूरी है। एक शिक्षित बेटी अपने परिवार और समाज दोनों को आगे बढ़ाती है। इसलिए हर लड़की को पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनना चाहिए।



