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प्रोफेसर ने अपनाई स्मार्ट खेती, स्वीट कॉर्न-स्ट्रॉबेरी से बढ़ी आय

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 सहारनपुर, उत्तर प्रदेश

आज के समय में खेती केवल परंपरागत तरीकों तक सीमित नहीं रही है। किसान अब नई सोच और तकनीक अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। सहारनपुर के नानौता ब्लॉक के रहने वाले शहंशाह आलम इसी बदलाव का एक उदाहरण हैं।

जी हां, शहंशाह आलम पढ़े-लिखे किसान हैं। उन्होंने गणित से एमएससी की है और हार्डवेयर नेटवर्किंग में डिप्लोमा भी किया है। वर्तमान में वे एक प्रोफेसर के रूप में काम करते हैं, लेकिन इसके साथ ही खेती से उनका गहरा लगाव है। नौकरी के बाद वे अपना समय खेत में लगाते हैं। पिछले दो सालों से उन्होंने पारंपरिक खेती जैसे गन्ना और गेहूं छोड़कर स्वीट कॉर्न और फलों की खेती शुरू की है। उन्होंने एक एकड़ जमीन में स्वीट कॉर्न उगाई है, जिसकी बाजार में काफी मांग है। वे केवल एक फसल पर निर्भर नहीं हैं। उन्होंने उसी खेत में स्ट्रॉबेरी भी लगाई है, जिससे एक साथ दो फसलों का लाभ मिल रहा है। वही इस सहफसली खेती  के कारण उनकी आय करीब चार गुना तक बढ़ गई है। जहां सामान्य भुट्टा कम दाम में बिकता है, वहीं स्वीट कॉर्न 20 से 25 रुपये प्रति भुट्टा तक आसानी से बिक जाता है। इसके अलावा सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी और निःशुल्क बीज से उनकी लागत भी कम हो जाती है।

शहंशाह आलम पूरी तरह से जैविक खेती पर जोर देते हैं। उनके फार्म में आम, लीची, आड़ू, सेब, बादाम, मौसमी और बेर जैसे कई फलों के पेड़ भी लगे हैं। उनकी सफलता को देखकर आसपास के किसान भी प्रेरित हो रहे हैं और अब पारंपरिक खेती छोड़कर नई फसलों और आधुनिक तरीकों को अपनाने लगे हैं।