- 25 क्विंटल फूलों से सजाया गया बैकुंठ धाम
- जय बद्री विशाल के जयघोष से गुंजायमान हुआ मंदिर परिसर
उत्तराखण्ड के पवित्र बद्रीनाथ धाम के कपाट शुभ मुहूर्त में सुबह 6:15 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इस अवसर पर मंदिर को सुंदर फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से भर गया। कपाट खुलते ही सबसे पहले माता लक्ष्मी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया। इसके साथ ही दक्षिण द्वार से कुबेर और उद्धव जी की मूर्तियों को मंदिर में प्रवेश कराकर गर्भगृह में स्थापित किया गया। इस शुभ अवसर पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।
वही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही उन्होंने लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस शुभ अवसर पर माणा और बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों और झुमैलो नृत्य के माध्यम से लोक संस्कृति की सुंदर झलक पेश की। श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी आस्था व्यक्त की, जिससे पूरा धाम भक्तिमय हो उठा।
जानकारी के अनुसार, चार धाम यात्रा 2026 के लिए इस बार कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं, जिससे यात्रा को अधिक व्यवस्थित और शांतिपूर्ण बनाया जा सके। मंदिर परिसर में मोबाइल और कैमरे के उपयोग पर रोक लगाई गई है, ताकि श्रद्धालु पूरी एकाग्रता से दर्शन कर सकें। मुख्यमंत्री ने इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बद्रीनाथ की कृपा सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए।



