लखनऊ
आज के समय में
महिलाओं की सुरक्षा और आत्मसम्मान समाज के लिए सबसे अहम मुद्दों में से एक है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए 181 महिला हेल्पलाइन को मजबूत बनाया है,
जिससे जरूरतमंद महिलाओं को तुरंत सहायता
मिल सके।
वर्ष 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, इस हेल्पलाइन ने 85 हजार से ज्यादा शिकायतों का पूरी तरह समाधान किया है। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, जो सरकार की गंभीरता और संवेदनशीलता को दर्शाती है। इस हेल्पलाइन की अहम बात यह है कि यह केवल अपराध से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं है। घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, साइबर क्राइम और मारपीट जैसे मामलों के अलावा महिलाएं इलाज, जमीन-जायदाद के विवाद और राशन जैसी जरूरतों के लिए भी मदद मांगती हैं। हेल्पलाइन इन सभी मामलों को संबंधित विभागों तक पहुंचाकर उनका समाधान करवाती है।
इस सेवा की एक और बड़ी विशेषता इसकी तेज कार्यप्रणाली है। यह 24 घंटे सक्रिय रहती है। शिकायत को तुरंत वन स्टॉप सेंटर भेजा जाता है, जहां महिला कर्मचारी पीड़िता से संपर्क कर उसकी समस्या समझती हैं और हर संभव मदद करती हैं। यहां महिलाओं को कानूनी सहायता के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक सहयोग भी दिया जाता है। समग्र रूप से देखा जाए तो 181 महिला हेल्पलाइन आज उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तीकरण का एक मजबूत माध्यम बन चुकी है। यह हर महिला को यह भरोसा दिलाती है कि मुश्किल समय में सरकार और प्रशासन उनके साथ खड़े हैं।



