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'पॉन्ड मैन ऑफ इंडिया' ने दिया तालाबों को 'जीवनदान'

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ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश

 यह कहानी एक इंसान की है, जिसने अपने प्रयासों से जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा की एक मजबूत मिसाल पेश की है। रामवीर तंवर जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से भारत के 80 से अधिक गंदगी और कूड़े से भरे तालाबों को साफ किया है। रामवीर कभी कीचड़, गंदे पानी या सांप-बिच्छुओं से नहीं डरे, बल्कि खुद तालाबों में उतरकर उन्हें साफ करने में जुटे रहे। उनका यह प्रयास सिर्फ सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, प्रकृति प्रेम और समाज में जागरूकता फैलाने का सशक्त उदाहरण है। रामवीर तंवर, जिन्हें लोग आज पॉन्ड मैन ऑफ इंडियाके नाम से जानते हैं, ने यह काम अपने गांव के तालाबों की बदहाल स्थिति देखकर शुरू किया। जिन तालाबों में कभी पानी और जीवन भरा रहता था, वे समय के साथ कूड़े और प्रदूषण का ढेर बन गए थे। इस हालात ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया। उन्होंने अपनी अच्छी-खासी नौकरी छोड़कर तालाबों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण को अपना जीवन उद्देश्य बना लिया।

इंजीनियर से पर्यावरण रक्षक तक

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के डढा गांव में जन्मे रामवीर तंवर ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और कुछ समय तक नौकरी भी की। लेकिन अपने बचपन के तालाबों को नष्ट होते देखकर उन्होंने पर्यावरण के लिए काम करने का फैसला किया। इसी सोच के साथ उन्होंने से अर्थनाम से एक एनजीओ की शुरुआत की, जो जल संरक्षण और तालाबों की सफाई पर काम करता है।

तालाबों की सफाई और चुनौतियां

आज रामवीर और उनकी टीम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, दिल्ली, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों में करीब 80 तालाबों को नया जीवन दे चुकी है। सफाई के दौरान उन्हें गंदगी, प्लास्टिक कचरा, मरे हुए जानवर और कई बार सांप-बिच्छुओं जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। तालाबों की सफाई के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता सुधारना और आसपास हरियाली बढ़ाना भी उनके काम का हिस्सा है।

जागरूकता और लोगों की भागीदारी

रामवीर का मानना है कि अकेले सफाई करने से बदलाव नहीं आएगा, इसके लिए लोगों को जागरूक होना जरूरी है। इसी सोच के तहत उन्होंने सेल्फी विद पॉन्डजैसी मुहिम शुरू की, जिससे लोग साफ किए गए तालाबों के साथ तस्वीरें साझा करें और दूसरों को भी प्रेरित करें। इससे स्थानीय लोग और प्रशासन भी तालाबों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार बने।

सम्मान और पहचान

रामवीर तंवर के काम को देश और विदेश दोनों जगह सराहा गया है। प्रधानमंत्री सहित कई बड़े नेताओं और संस्थाओं ने उनके प्रयासों की प्रशंसा की है। सम्मान और पुरस्कार मिलने के बाद उनके साथ जुड़ने वाले लोगों और संस्थाओं की संख्या भी बढ़ी है।


आगे की सोच

रामवीर तंवर कहते हैं कि तालाबों की सफाई केवल शुरुआत है। उनका सपना है कि गांवों और शहरों में जल संरक्षण की सही समझ विकसित हो, भूजल स्तर सुधरे और आने वाली पीढ़ियों को साफ पानी और स्वस्थ पर्यावरण मिल सके। उनकी कहानी यह सिद्ध करती है कि अगर लक्ष्य मजबूत हो, तो एक आम इंसान भी समाज और पर्यावरण में बड़ा बदलाव ला सकता है।