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सकारात्मक विचार से प्राप्त ऊर्जा युवाओं के लिए सबसे बड़ी पूंजी है - प्रमुख संचालिका शांताकुमारी जी

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गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

राष्ट्र सेविका समिति के अखिल भारतीय कार्यकारिणी एवं प्रतिनिधि मण्डल की बैठक के समारोप सत्र में समिति की प्रमुख संचालिका शांताकुमारी जी ने कहा कि ‘स्त्री और पुरुष एक ही तत्व के अंश हैं’ – यही हिन्दू विचार है। उपनिषदों में भी इसका उल्लेख है।

उन्होंने कहा कि स्वावलंबी, निडर, आत्मविश्वास और चरित्र संपन्न युवा किसी भी राष्ट्र की अमूल्य धरोहर होती है। साथ ही जिसमें उत्साह और विवेक का संतुलन है, वही युवा है। सकारात्मक विचार से प्राप्त ऊर्जा युवाओं के लिए सबसे बड़ी पूंजी है। ऐसे युवा का निर्माण करना ही हमारा लक्ष्य होना चाहिए।

सशक्त नेतृत्व, जिम्मेदार नागरिक और सुसंगठित समाज, इस प्रकार की त्रि-शक्ति का हमें समाज में जागरण करना है। हम सब को ऊर्जा के super conductor बनकर समाजहित के लिए सतत क्रियाशील रहना है।

गाजियाबाद के कैलाश मानसरोवर परिसर में 21 फरवरी से चल रही बैठक के समापन में प्रमुख कार्यवाहिका सीता गायत्री जी ने बैठक में चर्चित कार्य स्थिति, संपन्न किए गए विशेष कार्यक्रम और आगे करने वाले कार्य की योजना का विवरण देते हुए बताया कि आज समाज और परिवार में हिन्दू विचारों के लिए अनुकूलता का वातावरण है। इस स्थिति में सामूहिकता और अनुशासन का पालन करते हुए समाज परिवर्तन के लिए प्रयास करना है। अखिल भारतीय बैठक में देश के 38 प्रांतों से 108 प्रतिनिधि उपस्थित रहे।