एर्नाकुलम, केरल
नए-नए तौर तरीकों के माध्यम से हिन्दुओं को फांसकर, उनके साथ व्यभिचार व मतांतरण की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए विश्व हिन्दू परिषद ने इन पर पूर्ण विराम लगाने की मांग की है। विहिप के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे ने कहा कि मतांतरण और लव जिहाद एक राष्ट्रव्यापी विभीषिका का रूप ले चुके हैं। इस संक्रमण का सबसे बड़ा शिकार केरल की धर्म परायण हिन्दू जनता बनी है। कम्युनिस्ट-जिहादी गठजोड़ के कारण राज्य अब लव जिहादियों की जन्नत बन चुका है। अब इस संक्रमण से मुक्ति हेतु राज्य को अवैध धर्मांतरण पर रोक वाले एक कठोर कानून रूपी वैक्सीन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि जिम जिहाद, कोचिंग जिहादी, यूपीएससी जिहाद और केजीएमयू व अल फलाह विश्वविद्यालय के बाद अब नासिक में टीसीएस की घटना ने सम्पूर्ण देश को स्तब्ध कर दिया है। इन षड्यंत्रों में मुस्लिम महिलाओं की संलिप्तता ने भी एक गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। अब दर्जन भर से अधिक अन्य बहुराष्ट्रीय व आईटी कंपनियों में भी हिन्दू द्रोही कुकृत्यों की खबरें बाहर आ रही हैं। इस सारे घटनाक्रम पर मुस्लिम संगठनों और उनके प्रमुख लोगों की चुप्पी से सम्पूर्ण मुस्लिम समाज संदेह के घेरे में आ रहा है। उन्होंने कहा कि हम शीघ्र ही ऐसी सब कंपनियों से संपर्क कर हिन्दू महिलाओं के लिए अनुकूल व सुरक्षित वातावरण बनाने का काम करेंगे।
मध्यप्रदेश से अनुसूचित जनजाति समाज की एक नाबालिग हिन्दू बेटी को केरल में लाना और उसे केरल में राजनैतिक संरक्षण दिया जाना बेहद गम्भीर और निंदनीय घटना है। जनजाति समाज की नाबालिग बेटी को बचाने की बजाए उसका दोहन करने वाले अपराधी को संरक्षण दिए जाने से राज्य के सत्ताधारी दल की कलई खुल गई है।
मंदिरों की मुक्ति
उन्होंने कहा कि हिन्दू मंदिरों पर कम्युनिस्ट सरकारों की सतत् कुदृष्टि के कारण भी हिन्दू समाज बेहद आहत है। अब हिन्दू समाज, ना तो मंदिरों के पैसों को जिहादी, ईसाई और सेक्युलर कार्यों में खर्च करने देगा और ना ही हिन्दू द्रोही सरकारों को भगवान के पैसों पर किसी प्रकार का डाका डालने देगा। अब हम अपने सभी धर्म स्थलों को सरकारी चंगुल से मुक्ति दिला कर ही रहेंगे।



