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तकनीक जब सुरक्षा बन जाए - आगरा में बना खास GPS वाला जूता

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आगरा, उत्तर प्रदेश

आज के दौर में तकनीक हर दिन हमारे जीवन को सरल और सुरक्षित बनाने के लिए नए-नए रास्ते खोल रही है। अगर तकनीक का सही उपयोग किया जाए, तो यह केवल सुविधा ही नहीं बल्कि सुरक्षा भी दे सकती है। इसी सोच के साथ आगरा में एक खास तरह का जूता तैयार किया गया है, जो देखने में बिल्कुल सामान्य है लेकिन इसकी तकनीक बेहद खास है। जी हां, आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआई) के फुटवियर डिजाइनिंग विभाग में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम वाला जूता तैयार किया है। इस जूते की एड़ी में एक छोटी चिप लगाई गई है, जो पहनने वाले की लोकेशन बता सकती है। यह चिप मोबाइल फोन से कनेक्ट हो जाती है, जिससे किसी भी व्यक्ति की लोकेशन आसानी से ट्रैक की जा सकती है। इस जूते में एक बैटरी भी लगाई गई है। इसके साथ ही यह बैटरी चलते समय अपने आप चार्ज होती रहती है।

इसमें पीजो इलेक्ट्रिक सेंसर लगाया गया है, जो कदमों की हलचल से ऊर्जा बनाकर बैटरी को चार्ज करता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह जूता करीब 2500 रुपये में तैयार हो सकता है। इसमें जीपीएस और बैटरी की लागत लगभग 1500 रुपये है। इस जूते की ट्रैकिंग रेंज लगभग 80 किलोमीटर तक है। फिलहाल इसे बच्चों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे हर उम्र के लोगों के लिए भी बनाया जा सकता है। यह नई तकनीक भविष्य में लोगों की सुरक्षा और सुविधा के लिए काफी मददगार सिद्ध हो सकती है।