नैनीताल, उत्तराखण्ड
इस
पहल से जहां एक ओर जंगलों की आग पर नियंत्रण पाने में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं की आय भी बढ़ रही
है। महिलाएं इस पीरुल को वन विभाग और निजी संस्थानों को बेचकर अपनी आजीविका सुदृढ़
कर रही हैं।
एकत्रित किए गए पीरुल का उपयोग अब निजी
कंपनियां ऊर्जा के रूप में करेंगी या इससे फायर ब्रिक्स तैयार किए जाएंगे। इस तरह
यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आत्मनिर्भरता और जिम्मेदार नागरिकता का भी
सशक्त उदाहरण बन रही है।



