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महिलाओं ने मिलकर बंजर जमीन पर खड़ा कर दिया जंगल

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महिलाओं ने मिलकर बंजर जमीन पर खड़ा कर दिया जंगल

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चंपावत, उत्तराखण्ड : पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए सरकार और स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से सम्पूर्ण देश में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। अब इस कड़ी में आगे आते हुए उत्तराखंड के चंपावत में मानर वन पंचायत की महिलाएं एक अच्छी पहल कर रहे हैं। महिलाओं ने 11.6 हेक्टेयर भूमि में जंगल तैयार कर दिया।


दरअसल वर्ष 2014 में गांव के आसपास पेयजल का गंभीर संकट उत्पन्न होने लगा था। पीने और मवेशियों के लिए पानी जुटाना कठिन होता जा रहा था। तब महिलाओं ने संगठित होकर क्षेत्र में पौधरोपण का बीड़ा उठाया। महिलाओं ने भारतीय एग्रो इंडस्ट्रीज फाउंडेशन (बाएफ) के तकनीकी मार्गदर्शन में बंजर हो चुकी वन पंचायत की 11.6 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण किया।


पौधों की सुरक्षा व देखभाल कर महिलाओं ने घना जंगल विकसित कर दिया है। गाँव के चारों ओर हरियाली ही हरियाली है। जंगल की वजह से जगह-जगह पानी फूट पड़ा है, जिस कारण गांव में पेयजल संकट भी समाप्त हो गया है। 


महिलाओं ने जंगल की सुरक्षा के लिए विभिन्न वन नियम भी बनाए। वन पंचायत के नियमों का उल्लंघन करने व पेड़ काटने वालों से अर्थदंड वसूला गया। जंगल विकसित होने से प्राकृतिक जलस्रोत नौले, धारे आदि में पानी बढ़ गया। पर्यावरण संरक्षण के लिए मानर गाँव की महिलाओं द्वारा किया जा रहा यह प्रयास वास्तव में अनुकरणीय है।