इस कारागार में बने उत्पाद विशेष आउटलेट में बिकते हैं
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मेरठ, उत्तर प्रदेश : विभिन्न कारागारों में अपने अपराधों की सजा काट रहे बंदियों के जीवन में सुधार लाने और उन्हें समाज की मुख्य घारा से जोड़ने के लिए कारागारों द्वारा उनके लिए विभन्न कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित चौधरी चरण सिंह जिला कारागार भी एक सकारात्मक पहल कर रहा है।
दरअसल उत्तर प्रदेश शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार चौधरी चरण सिंह जिला कारागार द्वारा जेल से कुछ दूरी पर एक आउटलेट तैयार किया है। यहां कैदियों की ओर से बनाए गए विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स को डिस्प्ले किया गया है ताकि उनकी बिक्री हो सके।
कारागार के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के जिला कारागार मंत्री के दिशा-निर्देशों के अनुसार सरकार की ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ मुहिम के अंतर्गत जेल में बंद कैदियों को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य यह है कि जब वे अपनी सजा पूरी करके बाहर आएं, तो वे समाज में सकारात्मक कौशल के माध्यम से अपनी आजीविका चला सकें।
कारागार में बंदियों को फुटबॉल, कपड़ों के थैले, पैंट-शर्ट सिलाई सहित विभिन्न प्रकार के प्रोडक्ट्स तैयार करने के प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। इन प्रोडक्ट्स की बिक्री से कैदियों की भी कमाई होती है। पहले इन्हें विभिन्न माध्यमों से बाजार में बेचा जाता था, परंतु अब सभी सामानों को जिला कारागार के विशेष आउटलेट बेचा जा रहा है। कार्य में वीरीना फाउंडेशन भी कारागार के साथ मिलकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस प्रकार चौधरी चरण सिंह जिला कारागार बंदियों के अंदर न केवल एक सकारात्मक सोच का प्रवाह कर रहा है बल्कि उन्हें विभिन्न कार्यों में निपुण बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित भी कर रही है।