एकल महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में धामी सरकार
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देहरादून, उत्तराखण्ड : महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनकी आर्थिक सथिति को सुदृढ़ करने और उनके जीवन में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ-साथ विभिन्न राज्यों की सरकारें भी कई प्रकार की योजनाएं चला रही हैं। इसकी क्रम को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखण्ड की धामी सरकार भी इक अच्छी पहल करने जा रही है, जो महिलाओं को स्वावलंबी बनाने और महिला उद्यमता बढ़ाने में मददगार सिद्ध होगी।
दरअसल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2023 में एकल निराश्रित महिलाओं को उनके क्षेत्र अथवा गांव में स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने को मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना की घोषणा की थी, जिसके बाद योजना के स्वरूप को लेकर कई प्रकार के मंथन हुए। इसका प्रारूप निर्धारित होने के बाद महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से प्रस्ताव कैबिनेट में रखा गया, जिसे अब कैबिनेट ने हरी झंडी दे दी है।
इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए अपना उद्यम स्थापित करने को प्रोत्साहित किया जाएगा और दो लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर उन्हें सरकार की ओर से डेढ़ लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। प्रतिवर्ष 2000 एकल महिलाओं को योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए आगामी वित्तीय वर्ष में 30 करोड़ रुपये का बजट प्रविधान किया गया है।
सरकार की इस योजना से एक ओर जहाँ महिलाओं को अपना व्यवसाय स्थापित करने में आर्थिक मदद मिलेगी तो वहीं दूसरी ओर स्वावलंबी हो रही महिलाओं से प्रेरणा लेकर अन्य महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की राह पर चलने के लिए अग्रसर होंगी।