- एक साथ 200 लोगों के रहने की व्यवस्था, होम स्टे हुए तैयार
- आरामदायक बिस्तर, शौचालय, और अन्य बुनियादी सुविधाएं होंगी उपलब्ध
महाकुम्भ / प्रयागराज। प्रयागराज में 2025 में होने वाले महाकुंभ को और भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए इस बार विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एक अभिनव पहल के तहत, डोम सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जो महाकुंभ क्षेत्र में तीर्थयात्रियों के ठहरने का एक अनोखा समाधान प्रदान करेगी। यह पहल लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से की जा रही है।
डोम सिटी की विशेषताएं -
1. जमीन से ऊपर बसी संरचना :
• यह सिटी एक ऊँचे प्लेटफॉर्म पर बनाई जा रही है, जो बाढ़ या पानी भरने की स्थिति में भी सुरक्षित रहेगी।
• मॉड्यूलर संरचनाओं का उपयोग किया गया है, जिन्हें आसानी से तैयार किया जा सकता है।
2. 200 लोगों की एक साथ रहने की व्यवस्था :
• हर डोम में 200 लोगों के ठहरने की क्षमता होगी।
• इसमें आरामदायक बिस्तर, शौचालय, और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
3. होम स्टे मॉडल का विस्तार :
• पहली बार, स्थानीय निवासियों को भी "होम स्टे" योजना के तहत पंजीकृत किया गया है।
• इससे तीर्थयात्रियों को एक पारंपरिक अनुभव मिलेगा और स्थानीय लोगों की आय में भी वृद्धि होगी।
4. सुरक्षा और सुविधा :
• डोम सिटी में 24x7 सुरक्षा के साथ सीसीटीवी निगरानी होगी।
• पंडालों और डोम में स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
5. पर्यावरण अनुकूल डिजाइन :
• इन डोम्स को पर्यावरण के अनुकूल बनाया गया है।
• सौर ऊर्जा, बायो-टॉयलेट्स और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
होम स्टे योजना के लाभ -
• स्थानीय निवासियों को अपने घरों को किराये पर देने का मौका मिलेगा।
• इससे तीर्थयात्रियों को सस्ती और सुविधाजनक आवास व्यवस्था मिलेगी।
• सरकार ने होम स्टे को पंजीकरण के लिए प्रोत्साहन दिया है।
महत्व और संभावनाएं -
• महाकुंभ 2025 के लिए यह पहल न केवल तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगी, बल्कि प्रयागराज के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।
• डोम सिटी और होम स्टे के माध्यम से आवास संबंधी चुनौतियों को प्रभावी ढंग से हल करने की कोशिश की जा रही है।
• यह आयोजन भविष्य में कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के लिए एक मॉडल बन सकता है।