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बदायूँ में गंगा तट पर 15 को होगा मुख्य स्नान

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- घाटों के पास पूजा सामग्री, भोजन, और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ेगी

- सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी श्रद्धालुओं का मनोबल बढ़ाया जाएगा

बदायूं। बदायूं में गंगा तट पर देव दीपावली के अवसर पर आज से आस्था का जनसागर उमड़ने लगा है। यहाँ 15 नवंबर को मुख्य स्नान का आयोजन होगा, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। कार्तिक पूर्णिमा के इस पावन पर्व पर गंगा स्नान का विशेष महत्व है और मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। 

मुख्य स्नान की तैयारियाँ-

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा-  

स्थानीय प्रशासन ने स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। भीड़ को व्यवस्थित रूप से नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, घाटों की सफाई और सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु आराम से स्नान कर सकें।

धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम-  

गंगा तट पर धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें भजन, कीर्तन, और गंगा पूजन जैसे अनुष्ठान शामिल हैं। इसके अलावा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी श्रद्धालुओं का मनोबल बढ़ाया जाएगा।

प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सेवाएँ और आपातकालीन सेवाएँ-  

इस अवसर पर प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। घाटों पर मेडिकल कैंप लगाए गए हैं और एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता प्रदान की जा सके।

स्थानीय व्यापार को प्रोत्साहन-  

इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भीड़ से स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। घाटों के पास पूजा सामग्री, भोजन, और अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमड़ेगी, जिससे स्थानीय व्यापारियों को लाभ मिलेगा।

पर्यावरण सुरक्षा के प्रयास- 

प्रशासन द्वारा इस बार विशेष निर्देश दिए गए हैं कि गंगा तट को स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल रखा जाए। स्नान के बाद घाटों पर कचरा फेंकने से बचने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि गंगा का जल शुद्ध बना रहे और पर्यावरण को हानि न हो।

इस प्रकार बदायूं के गंगा तट पर कार्तिक पूर्णिमा का यह पर्व आस्था, श्रद्धा और सामाजिक जागरूकता के साथ मनाया जाएगा।