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‘सेवा भारती दक्षिण तमिलनाडु’, ‘भारतीय विचार केंद्र’ को ‘श्री गुरुजी पुरस्कार’

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पुणे. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिति ने इस वर्ष के ‘पूजनीय श्रीगुरु जी पुरस्कार’ के लिए ‘सेवा भारती दक्षिण तमिलनाडु’ और ‘भारतीय विचार केंद्र, केरल’ का चयन किया है. पुरस्कार 3 मार्च को पुणे में आयोजित एक समारोह में प्रदान किए जाएंगे.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्रीगुरु जी की जयंती के अवसर पर यह पुरस्कार  दिया जाता है. यह वर्ष राष्ट्रीय पुरस्कार का 29वां वर्ष है. जनकल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. अजीत मराठे ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में पुरस्कारों की घोषणा की. पुरस्कार में सम्मान चिन्ह, मानपत्र व एक लाख रुपये की राशि शामिल है.

पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्राताई महाजन उपस्थित रहेंगी तथा संघ के पश्चिम क्षेत्र संघचालक डॉ. जयंतीभाई भाडेसिया कार्यक्रम के मुख्य वक्ता होंगे. पुरस्कार समारोह रविवार, 3 मार्च को शाम 5.30 बजे आबासाहेब गरवारे कॉलेज मैदान, कर्वे रोड पर आयोजित किया जाएगा.

‘सेवा भारती दक्षिण तमिलनाडु’ के 31 जिलों में सेवा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था है. संस्था द्वारा पिछले चौंतीस वर्षों से सेवा कार्य किया जा रहा है और संस्था द्वारा 31 जिलों में 541 स्थानों पर 8 हजार से अधिक सेवा कार्य संचालित किए जा रहे हैं. शहरी, ग्रामीण और वन क्षेत्रों में मुख्य रूप से स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक क्षेत्रों में सेवा कार्य चल रहे हैं. संस्था द्वारा रोगी देखभाल, संस्कार केंद्र, विकलांग सेवाएँ, अनाथालय, वृद्धाश्रम, परित्यक्त गृह, गोसेवा, भोजन आश्रय, महिला स्वयं सहायता समूह, कंप्यूटर प्रशिक्षण, पारिवारिक शिक्षा, भजन मण्डली, मोबाइल पुस्तकालय, सड़क की सफाई आदि में कार्य किया जा रहा है. इस वर्ष सेवा क्षेत्र का पुरस्कार ‘सेवा भारती’ संगठन को दिया जाएगा.

1982 में केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थापित संगठन ‘भारतीय विचार केंद्र’ मुख्य रूप से प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और भारतीय मूल्यों व जीवन दर्शन को बढ़ावा देने के लिए काम करता है. संस्थान द्वारा बुनियादी भारतीय विषयों पर शोध एवं उसका बुद्धिजीवियों एवं जनमानस के बीच प्रचार-प्रसार, विद्वानों एवं विद्वानों के व्याख्यानों का आयोजन, पुस्तकों का प्रकाशन, शोध पत्रों का प्रकाशन, सम्मेलनों, सेमिनारों आदि का आयोजन भी किया जा रहा है. प्रगति, मलयालम और अंग्रेजी में एक त्रैमासिक, प्रकाशित की जाती है. इस वर्ष संस्था को वाड्मय क्षेत्र में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा.

जनकल्याण समिति

जनकल्याण समिति महाराष्ट्र में आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, कृषि विकास और पर्यावरण के सात प्रमुख क्षेत्रों में 1870 सेवाएँ चला रही है. समिति के 4000 महिला-पुरुष कार्यकर्ता स्वैच्छिक भाव से इन सेवा कार्यों को चला रहे हैं.