- महिला सशक्तीकरण और कुप्रथा को नष्ट करने की पहल
- अस्थि अवशेष को श्रद्धा और सम्मान के साथ रखने और शोभायात्रा निकालने की परंपरा
प्रयागराज। महिला सशक्तिकरण का प्रयागराज इलाहाबाद में एक अनूठी पहल देखने को मिली। पहली बार अस्थि कलश यात्रा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करके समाज को एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की जा रही है। इस मौके पर महिलाओं ने अपने सर पर मिट्टी के घड़ों में अपने पूर्वजों की अस्थियों को लेकर गंगा में प्रवाहित किया। इस मौके पर 15000 अनुयायियों इस यात्रा के साक्षी रहे। यात्रा में संत महापुरुषों के साथ कई धर्म गुरुओं की उपस्थिति रही।
अस्थि अवशेष कलश-
धार्मिक परंपराओं में, अस्थि अवशेष को श्रद्धा और सम्मान के साथ रखने और शोभायात्रा निकालने की परंपरा है। यह व्यक्ति के प्रति श्रद्धा और उनकी शिक्षाओं के प्रचार का प्रतीक हो सकता है।
महिलाओं की भूमिका-
यह आयोजन महिलाओं की विशेष भागीदारी को दर्शाता है, जो किसी समुदाय या समाज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का संकेत है।
अनुयायियों की संख्या-
15,000 अनुयायियों की उपस्थिति से यह स्पष्ट होता है कि आयोजन का धार्मिक और सामाजिक महत्व बड़ा था।