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प्लास्टिक मुक्त बद्रीनाथ धाम: स्वच्छ यात्रा की नई पहल

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बद्रीनाथ धाम और यात्रा मार्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। जिला प्रशासन और रिसाइकल कंपनी के सहयोग से क्यूआर कोड प्रणाली, रीसाइक्लिंग सेंटर और डिपॉजिट रिफंड काउंटर जैसी व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं।

चारधाम यात्रा को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन अब स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर खास ध्यान दे रहा है। इसी दिशा में बद्रीनाथ धाम और यात्रा मार्ग को प्लास्टिक मुक्त बनाने की पहल तेज कर दी गई है। जी हां, बद्रीनाथ धाम और उसके यात्रा मार्ग को साफ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इसमें अधिकारियों और रिसाइकल कंपनी के प्रतिनिधियों ने मिलकर योजना बनाई। बैठक में बताया गया कि जिला प्रशासन और रिसाइकल कंपनी के बीच समझौता हो चुका है, जिसके तहत पूरे क्षेत्र में प्लास्टिक कचरे को कम करने और उसे रीसायकल करने का काम किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को केवल योजना नहीं, बल्कि जनआंदोलन बनाना आवश्यक है। इसके लिए दुकानदारों, होटल और रेस्टोरेंट मालिकों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे यात्रियों को प्लास्टिक का कम प्रयोग करने के लिए जागरूक करें। बता दें, इस अभियान के तहत प्लास्टिक बोतलों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे उन्हें इकट्ठा करना और रीसायकल करना आसान होगा। आगे चलकर चिप्स और अन्य पैकेट्स पर भी क्यूआर कोड लगाने की योजना है।

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वही पिछले वर्ष 8 रीसाइक्लिंग सेंटर थे, जरूरत पड़ने पर इस साल उनकी संख्या बढ़ाई जाएगी। साथ ही करीब 60 लोगों की टीम इस काम में लगाई जाएगी। गोविंदघाट, बद्रीनाथ और माणा क्षेत्र में दुकानदारों को क्यूआर कोड दिए जाएंगे। यात्रियों के लिए डिपॉजिट रिफण्ड काउंटर भी बनाए जाएंगे, जहां खाली बोतल जमा करने पर उन्हें पैसे वापस मिलेंगे।अंत में जिलाधिकारी ने लोगों और यात्रियों से अपील की कि वे प्लास्टिक का कम प्रयोग करें और उपयोग के बाद उसे सही जगह जमा करें। सभी के सहयोग से ही बद्रीनाथ धाम को स्वच्छ और हरा-भरा बनाया जा सकता है।